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रविवार, 9 मई 2021

बंगाल हिंसा

आज कल तकरीबन ज्यादातर सभी पोस्ट मोदी जी या BJP विरोधी हैं ठीक है हर सरकार में कुछ न कुछ कमी तो होती ही है और BJP के विरोध में आधे विश्व और आधा देश लगा हुआ है जिस कारण उनके हाथ बंधे हुए से हो रहें हैं अगर मोदी जी भी ऐसा खुला खेलने लगे तो पूरा विश्व हिंदुस्तान के विरोध में आ जायेगा और इस कोरोना काल में जहां भारत को मदद की जरूरत है वहीं तरह तरह के बैन लग जाएंगे लेकिन फिर भी उनकी भरपूर कोशिश है किसी तरह शांति से देश को चलाया जाये परन्तु विरोधी किसी न किसी तरह देश को जलाना चाहते हैं जिससे हम जैसे कुछ हिंदुत्ववादी लोग ही BJP या मोदी जी के विरोध में आ जाये और किसी तरह से सरकार गिर जाए *कांग्रेस और दूसरे IT CELL पूरी तरह से मोदी विरोध की पोस्ट खूब तेजी से सक्रिय कर रही है ...…
हमें कोई भी पोस्ट फारवर्ड करने से पहले उसको अच्छी तरह से जाँच लें *हमको इतना भावुक भी नहीं होना चाहिए और ये भी समझना चाहिए कि अगर हम हिंदू ही BJP के विरोध में आ जाएंगे तो फिर कोई और सरकार नहीं है जो हम हिंदुओं को जिंदा रख सके ...…
बंगाल से ज्यादा बुरा हाल बाकी देश के हिंदुओं का होगा, ये ठीक है कि BJP सरकार बंगाल में ममता की खतरनाक दुष्टता के आगे कुछ नहीं कर पाई *BJP से सिर्फ ये गलती हो गयी कि उनको भी कहानी चुनाव लड़ना चाहिए था जैसा कि बंगाल का इतिहास है ...…
परन्तु उन्होंने सोचा था कि *राम नाम* के नारे के बाद बंगाल के *सारे हिंदू एक हो जाएंगे और उनको ही वोट देगा* किन्तु वहां के रहने वाले लोकल हिंदुओं को वहाँ के हालातों से वाकिफ होने के बावजूद अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारी है …
आप सभी हिंदू भाईयों बहनों से निवेदन है हम लोग बहुत जल्दी अपनी राह से भटक जातें है कोई भी घटना होती है उसका तुरन्त उल्टा रिएक्शन देने लग जाते हैं हम हिंदुओं को थोड़ा सा BJP का ये शुक्र भी मनाना चाहिए कि सिर्फ BJP मोदी और अमित शाह के डर की वजह से ही पूरे देश में अभी तक हिंदू सुरक्षित है वरना कोई दूसरी सरकार होती तो (कांग्रेस ने लगातार साजिश करते हुए हिंदुत्व को नष्ट करती रही) अब तक भारत से हिंदुओं को मार कर खत्म कर दिया जाता *इसलिए आप कितने भी दुःखी हों मोदी जी से* उनसे कितने भी रुष्ट हों लेकिन एक बात याद रखनी है जैसा कि स्वामी सरस्वती यति जी कहतें है *हिंदुओं को एकजुट होकर BJP का ही साथ देना है* वर्ना बंगाल वाला हाल तुम्हारी स्टेट में भी होगा *इसका एक उदाहरण दिल्ली भी है आप पार्टी* का केजरीवाल को भी ले लो कि केजरीवाल को हिंदू ही लाये और बाद में *दिल्ली दंगों में खुद हिंदू ही कटे* वो तो शुक्र मनाओ योगी ने अपने आदमी भेज दिए वरना उन इलाकों से हिंदू पूरा खत्म ही था और जो लोग ट्रम्प के स्वागत में लगे रहने वाली बात कर रहे थे तो वो ये भी देखें कि अगर उस समय अमित शाह कोई सख्त कदम उठाते तो *ये इंटरनेशनल मुद्दा बन जाता जिस कारण से दिल्ली दंगे पूर्व नियोजित किये गए* दंगों की ट्रम्प को खबर तक नहीं लगने दी वरना वो उसी समय वापस चले जाते और कोई भी भारत को फेवर देने वाले समझौता नहीं हो पाता आज पूरे विश्व में भारत का सर कितना ऊपर उठा है
इस समय हिंदुस्तान में *वर्ल्ड इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन* सक्रिय है जो हिन्दुस्तान को इस्लामिक देश बनाने में लगा हुआ है जिस वजह से मुसलमानों को पैसा फाइनेंस और पूरी सपोर्ट मिल रही ही जिससे उनमें जोश और हिम्मत आयी हुई है जिसको हम हिंदुओं की एकता और हिम्मत ही खत्म कर सकती है *इस बात को अच्छी तरह से ध्यान में रखें और ऐसी सीक्रेट खबरें कभी भी सरकार नहीं बताती* जितना हम सोचते और देखते हैं सरकारें उससे कम से कम 10 कदम आगे चल रही होतीं हैं *आप देख लेना केंद्र सरकार बंगाल के इस गंदे राजनेताओं को शीध्र सबक सिखायेगी* सिर्फ दिखावा करेगी और हिंदुओं की मौत का बदला लेगी *ऐसा मैं समझती हूं* आप क्या समझते हैं? *आम जनता को गुस्सा है* तो BJP जिनकी आफिस जल रही है उनके नेता और कार्यकर्ता मारे जा रहें है *तो क्या उनको हमसे ज्यादा गुस्सा नहीं होगा
हमें ये ध्यान रखना है कि कौन सी पार्टी आखिर में हिंदुओं का हित कर सकती है *और कौन नहीं?* निजी स्वार्थ से परे सोचना होगा हमें
अभी 3 महीने के लिए बंगाल चुनाव आयोग के पास है और राष्ट्रपति शासन मोदी जी कैसे लगा सकतें है ये बताओ कोई? जिस वजह से सब उनको ही टारगेट कर रहे *NDA सरकारी है कोई पूरी पार्टी अकेले मोदी जी ही नहीं चलाते* सबकी सहमति से काम होता है राष्ट्रपति शासन तो सिर्फ गवर्नर की सिफारिश पर या राष्ट्रपति खुद संज्ञान में लेकर लगा सकतें हैं और फिर दोनों सदनों से उसकी अनुमति भी पारित करनी होती है
पहले भी एक बार मिलिट्री एक्सरसाइज हुई थी तो ममता ने मिलिट्री को बगल के बॉर्डर से अंदर नहीं आने दिया था उसकी पूरी बदमाशी उसकी नीचता व सारे विपक्षियों का साथ मिला हुआ और साथ साथ अपने ही उन विरोधी पार्टियों के पक्ष के हिंदुओं का ही साथ देते हैं यही अगर देश का सारा हिंदू एक तरफ हो जाये तो सारे नेता रोज मंदिर में बैठकर कोई हनुमान चालीसा तो कोई चंडी पाठ करता हुआ नजर आएगा
हिंदुओं कमी अपने में ढूंढों ना कि मोदी जी में *नेता वही आगे बढ़ सकता है जिसके पीछे उसके देश की जनता होती है* न कि बंटा हुआ शासन और जनता
जब पूरे देश में हिंदू खुद ही डरपोक बना हुआ और एक नहीं है तो *इसमें आप सिर्फ सरकार को दोषी नहीं मान सकते .
राष्ट्रपति शासन लगाने के बाद अगर फ़ोर्स ने 10/15 मुसलमानों को मार दिया तो क्या होगा इस बारे में किसी ने सोचा है पूरा देश जल जाएगा *इस टाइम हिंदुस्तान में गृहयुद्ध चालू है* कुछ तैयारी है बिना पुलिस बिना प्रशासन के मदद बिना इनसे लड़ सकेंगे *जिसको हिंदू नहीं समझ पा रहे* लेकिन हिंदू तो सेक्युलरिज़्म में ही घुसा हुआ है
इस बात को ध्यान में रखें कि ये सब ममता ही करा रही है जिससे वहां से BJP को मिटा दिया जाए बंगाल के हिंदुओं वहां खुद गद्दारी कर ममता को वोट दिया वो हिंदू तो लोकल ही हैं जिस तरह से मुसलमान हिंदुओं को मार रहे क्यों हिंदुओं में ताकत नहीं सामना करने की वो खुद क्यों डरपोक बने हुए हैं *यही हिंदुओं ने भी अपने घरों में हथियार रखे होते तो क्या मुसलमान इतना उत्पात मचा सकते थे* 4 हिंदू मरते तो 4 मुसलमान भी मरते दोनों का पलड़ा बराबर पड़ता तो अपने आप दंगा इतना बड़ा नहीं होता *किसी को पलायन नहीं करना पड़ता* लेकिन हिंदू तो सामना करने की बजाये उल्टे भाग रहे हैं जिससे मुसलमानों के हौसले और ज्यादा बुलंद हो रहे हैं
जहां तक मैं समझ रही हूँ कि जितने भी दंगा कर रहे लोग बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमान हैं *इनमें लोकल मुसलमान न के बराबर हैं* और इनको पहले ही बांग्लादेश से ममता ने बुला रखा था और उन्हीं लोगों के फर्जी वोटर कार्ड बनाकर वोट डलवाये हैं…
TMC हार जाती तो इससे भी ज्यादा भयंकर दंगे होते *ममता BJP का नामोनिशान मिटा देगी बंगाल से* जैसे लेफ्ट का किया था उसकी यही रणनीति है
मैं तो अपने सभी बन्धुओं को कहूंगी चाहे आप मेरी किसी भी बात से सहमत हों या ना हो लेकिन इन मुसलमानों का सामना करने के लिए अपनी हिम्मत और हथियार जरूर अपने पास रखें तभी आप अपना और अपने बच्चों का भविष्य बचा सकतें हैं
एक पुरानी कहावत सुनी होगी कि खुद के मरे तो स्वर्ग भी नहीं मिलता !!!!!!!!!



मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021

ईश्वर का घर



एक बार भगवान दुविधा में पड़ गए, लोगों की बढ़ती साधना वृत्ति से वह प्रसन्न तो थे पर इससे उन्हें व्यवहारिक मुश्किलें आ रही थीं।कोई भी मनुष्य जब मुसीबत में पड़ता, तो भगवान के पास भागा-भागा आता और उन्हें अपनी परेशानियां बताता।

उनसे कुछ न कुछ मांगने लगता। भगवान इससे दु:खी हो गए थे। अंतत: उन्होंने इस समस्या के निराकरण के लिए देवताओं की बैठक बुलाई और बोले - “देवताओं, मैं

मनुष्य की रचना करके कष्ट में पड़ गया हूं।

कोई न कोई मनुष्य हर समय शिकायत ही करता रहता हैं, जिससे न तो मैं कहीं शांति पूर्वक रह सकता हूं, न ही तपस्या कर सकता हूं। आप लोग मुझे कृपया ऐसा स्थान बताएं, जहां मनुष्य नाम का प्राणी कदापि न पहुंच सके।

प्रभू के विचारों का आदर करते हुए देवताओं ने अपने-अपने विचार प्रकट किए।

 गणेश जी बोले - “आप हिमालय पर्वत की चोटी पर चले जाएं। “ भगवान ने कहा - “यह स्थान तो मनुष्य की पहुंच

में हैं। उसे वहां पहुंचने में अधिक समय नहीं लगेगा।

“इंद्रदेव ने सलाह दी कि “वह किसी महासागर में चले जाएं।

वरुण देव बोले "आप अंतरिक्ष में चले जाइए। “भगवान ने कहा - “एक दिन मनुष्य वहां भी अवश्य पहुंच जाएगा।

भगवान निराश होने लगे थे।

वह मन ही मन सोचने लगे “क्या मेरे लिए

कोई भी ऐसा गुप्त स्थान नहीं हैं, जहां मैं

शांतिपूर्वक रह सकूं। अंत में सूर्य देव बोले- “प्रभू! आप ऐसा करें कि मनुष्य के हृदय में बैठ जाएं। मनुष्य अनेक स्थान पर आपको ढूंढने में सदा उलझा रहेगा, पर वह यहाँ

आपको कदापि न तलाश करेगा।

ईश्वर को सूर्य देव की बात पसंद आ गई। उन्होंने ऐसा ही किया और वह मनुष्य के हृदय में जाकर बैठ गए। उस दिन से मनुष्य अपना दुख व्यक्त करने के लिए

ईश्वर को ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं, आकाश, पाताल में ढूंढ रहा है पर वह मिल नहीं

रहें। मनुष्य अपने भीतर बैठे हुए ईश्वर

को नहीं देख पा रहा हैं। 

शुक्रवार, 15 जनवरी 2021

कुछ न कुछ छूटना तो लाज़मी है

 


अचानक से आज यूँ ही ख़्याल आया कि....


अख़बार पढ़ा तो प्राणायाम छूटा,

प्राणायाम किया तो अख़बार छूटा,

दोनों किये तो नाश्ता छूटा,

सब जल्दी जल्दी निबटाये

तो आनंद छूटा,

मतलब.....

कुछ ना कुछ छूटना तो लाज़मी है...!!


जॉब देखो तो परिवार छूट जाता है,

और परिवार देखो तो जॉब छूट जाता है 

और दोनों को छोड़ने की कल्पना मात्र से,

लगता है कि रूह छूटी,

बीवी और मां के बीच के भी कुछ ना कुछ छूट ही जाता है

कुछ ना कुछ छूटना तो लाजमी है 


हेल्दी खाया तो स्वाद छूटा,

स्वाद का खाया तो हेल्थ  छूटी,

दोनों किये तो.....

अब इस झंझट में कौन पड़े..!!


मुहब्बत की तो शादी टूटी,

शादी की तो मुहब्बत छूटी

दोनों किये तो वफ़ा छूटी,

अब इस पचड़े में कौन पड़े..!!

मतलब

कुछ ना कुछ छूटना तो लाज़मी है...!!!


जो जल्दी की तो सामान  छूट गया,

जो ना की तो ट्रेन छूट गयी,

जो दोनों ना छूटे तो,

विदाई के वक़्त गले मिलना छूट गया,

मतलब...

कुछ ना कुछ छूटना तो लाज़मी है...!!!


औरों का सोचा तो मन का छूटा,

मन का लिखा तो तिस्लिम टूटा,

ख़ैर हमें क्या..

ख़ुश हुए तो हँसी छूटी,

दुःखी हुए तो रुलायी छूट गयी,

मतलब...

कुछ ना कुछ छूटना तो लाज़मी है...!!!


इस छूटने में ही तो पाने की ख़ुशी है,

जिसका कुछ नहीं छूटा,

वो इंसान नहीं मशीन है,

इसलिये कुछ ना कुछ छूटना तो लाज़मी है...!!!


जी लो जी भर कर

क्योंकि एक  दिन 

ये ज़िन्दगी छूटना भी

लाज़मी है.....

रक्षा बंधन 2023 बुधवार, 30 अगस्त

 रक्षाबन्धन भारतीय धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धन[ का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन को स्नेह की डो...