रविवार, 9 मई 2021
बंगाल हिंसा
मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021
ईश्वर का घर
एक बार भगवान दुविधा में पड़ गए, लोगों की बढ़ती साधना वृत्ति से वह प्रसन्न तो थे पर इससे उन्हें व्यवहारिक मुश्किलें आ रही थीं।कोई भी मनुष्य जब मुसीबत में पड़ता, तो भगवान के पास भागा-भागा आता और उन्हें अपनी परेशानियां बताता।
उनसे कुछ न कुछ मांगने लगता। भगवान इससे दु:खी हो गए थे। अंतत: उन्होंने इस समस्या के निराकरण के लिए देवताओं की बैठक बुलाई और बोले - “देवताओं, मैं
मनुष्य की रचना करके कष्ट में पड़ गया हूं।
कोई न कोई मनुष्य हर समय शिकायत ही करता रहता हैं, जिससे न तो मैं कहीं शांति पूर्वक रह सकता हूं, न ही तपस्या कर सकता हूं। आप लोग मुझे कृपया ऐसा स्थान बताएं, जहां मनुष्य नाम का प्राणी कदापि न पहुंच सके।
प्रभू के विचारों का आदर करते हुए देवताओं ने अपने-अपने विचार प्रकट किए।
गणेश जी बोले - “आप हिमालय पर्वत की चोटी पर चले जाएं। “ भगवान ने कहा - “यह स्थान तो मनुष्य की पहुंच
में हैं। उसे वहां पहुंचने में अधिक समय नहीं लगेगा।
“इंद्रदेव ने सलाह दी कि “वह किसी महासागर में चले जाएं।
वरुण देव बोले "आप अंतरिक्ष में चले जाइए। “भगवान ने कहा - “एक दिन मनुष्य वहां भी अवश्य पहुंच जाएगा।
भगवान निराश होने लगे थे।
वह मन ही मन सोचने लगे “क्या मेरे लिए
कोई भी ऐसा गुप्त स्थान नहीं हैं, जहां मैं
शांतिपूर्वक रह सकूं। अंत में सूर्य देव बोले- “प्रभू! आप ऐसा करें कि मनुष्य के हृदय में बैठ जाएं। मनुष्य अनेक स्थान पर आपको ढूंढने में सदा उलझा रहेगा, पर वह यहाँ
आपको कदापि न तलाश करेगा।
ईश्वर को सूर्य देव की बात पसंद आ गई। उन्होंने ऐसा ही किया और वह मनुष्य के हृदय में जाकर बैठ गए। उस दिन से मनुष्य अपना दुख व्यक्त करने के लिए
ईश्वर को ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं, आकाश, पाताल में ढूंढ रहा है पर वह मिल नहीं
रहें। मनुष्य अपने भीतर बैठे हुए ईश्वर
को नहीं देख पा रहा हैं।
शुक्रवार, 15 जनवरी 2021
कुछ न कुछ छूटना तो लाज़मी है
अचानक से आज यूँ ही ख़्याल आया कि....
अख़बार पढ़ा तो प्राणायाम छूटा,
प्राणायाम किया तो अख़बार छूटा,
दोनों किये तो नाश्ता छूटा,
सब जल्दी जल्दी निबटाये
तो आनंद छूटा,
मतलब.....
कुछ ना कुछ छूटना तो लाज़मी है...!!
जॉब देखो तो परिवार छूट जाता है,
और परिवार देखो तो जॉब छूट जाता है
और दोनों को छोड़ने की कल्पना मात्र से,
लगता है कि रूह छूटी,
बीवी और मां के बीच के भी कुछ ना कुछ छूट ही जाता है
कुछ ना कुछ छूटना तो लाजमी है
हेल्दी खाया तो स्वाद छूटा,
स्वाद का खाया तो हेल्थ छूटी,
दोनों किये तो.....
अब इस झंझट में कौन पड़े..!!
मुहब्बत की तो शादी टूटी,
शादी की तो मुहब्बत छूटी
दोनों किये तो वफ़ा छूटी,
अब इस पचड़े में कौन पड़े..!!
मतलब
कुछ ना कुछ छूटना तो लाज़मी है...!!!
जो जल्दी की तो सामान छूट गया,
जो ना की तो ट्रेन छूट गयी,
जो दोनों ना छूटे तो,
विदाई के वक़्त गले मिलना छूट गया,
मतलब...
कुछ ना कुछ छूटना तो लाज़मी है...!!!
औरों का सोचा तो मन का छूटा,
मन का लिखा तो तिस्लिम टूटा,
ख़ैर हमें क्या..
ख़ुश हुए तो हँसी छूटी,
दुःखी हुए तो रुलायी छूट गयी,
मतलब...
कुछ ना कुछ छूटना तो लाज़मी है...!!!
इस छूटने में ही तो पाने की ख़ुशी है,
जिसका कुछ नहीं छूटा,
वो इंसान नहीं मशीन है,
इसलिये कुछ ना कुछ छूटना तो लाज़मी है...!!!
जी लो जी भर कर
क्योंकि एक दिन
ये ज़िन्दगी छूटना भी
लाज़मी है.....
रक्षा बंधन 2023 बुधवार, 30 अगस्त
रक्षाबन्धन भारतीय धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धन[ का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन को स्नेह की डो...
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Dear Supreme court Judges , 1. A party Wins Lok sabha elections gets 303 seats with massive 46% vote share. 2. Then they Win State aft...
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देवताओं के तेज से देवी का प्रादुर्भाव और महिषासुर की सेना का वध ॥ विनियोगः॥ ॐ मध्यमचरित्रस्य विष्णुर्ऋषिः, महालक्ष्मीर्देवता, उष्णिक् छन्द...

